आईएफएस भरत तेमनी को लेकर नया विवाद…कार्मिक विभाग ने तेमनी से मांगा कमेंट

जयपुर //पिछले छह माह से एपीओ चल रहे आईएफएस भरत तेमनी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रमुख सचिव आयुर्वेद के पद पर रहते हुए आईएएस आर. वेंकटेश्वरन ने 1987 बैच के आईएफएस भरत तेमनी के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश कार्मिक विभाग से की थी। उस पर अब कार्मिक विभाग की ओर से तेमनी से कमेंट मांगा गया है, जिसको लेकर पुराना मामला एक बार फिर से ताजा हो गया है। राज्य सरकार ने आईएफएस भरत तेमनी को पिछले साल वन विभाग से हटाकर डेपुटेशन पर स्टेट मेडिसिनल प्लांट बोर्ड के सदस्य सचिव पर तैनात कर दिया था। इसको लेकर तेमनी ने दो बार तत्कालीन मुख्यसचिव अशोक जैन के सामने अपना रिप्रजेंटेंशन दिया था। इस दौरान उनका तत्कालीन प्रमुख सचिव आयुर्वेद आर. वेंकटेश्वरन से विवाद हो गया था। राज्य सरकार के स्तर पर महीनों तक सुनवाई न होने पर तेमनी ने अपनी पीड़ा दिल्ली स्थित आईएफएस एसोसिएशन से भी व्यक्त की थी, जिसके बाद एसोसिएशन ने राज्य के मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को पत्र लिखा था। तेमनी की ओर से पूछा गया था कि उन्हें जूनियर आईएएस अफसर के अंडर में पोस्टिंग दे दी गई। नियमों के अनुसार ऐसा नहीं किया जा सकता है। काफी जद्दोजहद के बाद सरकार ने 27 अक्टूबर 2017 को एपीओ कर दिया था। कुछ दिनों बाद ही सरकार ने तत्कालीन प्रमुख सचिव आर. वेंकटेश्वरन को भी एपीओ कर दिया था। एपीओ होने से पहले वेंकटेश्वरन ने तेमनी के खिलाफ कार्रवाई करने की सिफारिश कार्मिक विभाग को भेज दी थी। इस मामले में अब कार्मिक विभाग ने तेमनी से अपना पक्ष रखने के लिए कहा है। कार्मिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आईएफएस भरत तेमनी को अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया था, लेकिन जवाब नहीं आया। ऐसे में अब रिमाइंडर भेजा गया है। दूसरी ओर आईएफएस तेमनी का कहना है कि कार्मिक विभाग का कोई पत्र नहीं मिला था। अब रिमाइंडर मिला है। इसका जवाब सचिव कार्मिक को भेज दिया जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Translate »