आईएएस रवीन्द्र की एवरेस्ट फतह की कहानी

कहते हैं जहां चाह होती है वहीं राह मिल जाती है। जरूरत है अगर आपने बड़े स्वप्न देखा है तो उसे मंजिल तक पहुंचाना। जीवन के ऊंचे लक्ष्य को साकार कर दिखाया बेगूसराय जिले के चेरियाबरियारपुर प्रखंड के बसही गांव निवासी शिवनंदन प्रसाद सिंह के आईएएस पुत्र रवीन्द्र कुमार ने।रवीन्द्र कुमार देश के पहले आईएएस हैं जिन्होंने वर्ष 2013 में एवरेस्ट फतह किया। उन्होंने एवरेस्टस यात्रा की रोमांच को पुस्तक का रूप प्रदान किया। रवीन्द्र ने मेनी एवरेस्टस नाम से पुस्तक लिखी, जिसमें एवरेस्टस् यात्रा की पूरी जानकारी के साथ यात्रा के दौरान होने वाली परेशानी, समस्याएं आदि का मौलिक जिक्र है। नई दिल्ली के चाणक्यपुरी में 12 दिसंबर 2016 को रवीन्द्र की लिखी पुस्तक मेनी एवरेस्टस का विमोचन समारोहपूर्वक किया गया।

पुस्तक विमोचन के अवसर पर वरिष्ठ आईएएस रॉबीन गुप्ता, आईएएस शशिशेखर, पीके झा, बीके प्रसाद, एके दूबे, संजय कोठारी, दीक्षा भंडारी, राकेश गर्ग, अराधना चौधरी, भारतीय पर्वतारोही एचएच चौहान सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

रवीन्द्र वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सीतापुर मे मुख्य विकास अधिकारी सीडीओ हैं। मेनी एवरेस्टस में सफलता के कई आजमाए हुए नुस्खे पर प्रकाश डाला गया है। लेखक ने खासतौर पर योगिक शोध में आंइस्टाईन के सापेक्षवाद सिद्धांत समेत नई आधुनिक वैज्ञानिक शोधों को जोड़ते हुए नई तकनीक के प्रभाव के पीछे वैज्ञानिक दृष्टिकोण की व्याख्या की है।बेगूसराय नवोदय विद्यालय से मैट्रिक तक शिक्षा प्राप्त करने वाले रवीन्द्र को वर्ष 2013 में एलवी रेड्डी अवार्ड, 2014 में विशेष खेल सम्मान व सिक्किम खेल रत्न अवार्ड के साथ ही वर्ष 2016 में काष्ती रत्न अवार्ड से सम्मानित किया जा चुका है। रवीन्द्र सिक्किम में पदस्थापन के दौरान प्राकृतिक आपदा के क्षेत्रो में भी जड़ तक पहुंचने का काम किया। नवोदय विद्यालय में रवीन्द्र के शिक्षक रहे डॉ. भगवान प्रसाद सिन्हा कहते हैं कि मेनी एवरेस्टस पुस्तक जीवन के प्रति नई दृष्टि प्रदान करता है। जीवन को कैसे सुखमय, सफल और शांतिमय बनावे यह किताब से प्रेरणा मिलती है।

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