अयोध्या / सरयू में  श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी , मंदिरों में भीड़

अयोध्या. 134 साल पुराने अयोध्या पर फैसले के दूसरे दिन र सरयू तट पर लोग उत्साहित नजर आए। लोग तड़के से ही घाट पर स्नान के लिए पहुंचने लगे और रोज के मुकाबले ज्यादा भीड़ जुटी। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना की और श्रीराम के जयकारे लगाए। सुरक्षा चाक-चौबंद है, सड़कों पर हालात सामन्य हैं, हालांकि कुछ रास्तों पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित है।हनुमानगढ़ी में श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही उमड़ पड़ी। रोज की तरह ही उन्हें कड़ी सुरक्षा में चेकिंग से गुजरना पड़ा। बनारस के रहने वाले सुदामा अग्निहोत्री भी दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि मुझे दर्शन करने में कोई दिक्कत नहीं हुई। लोग दर्शन करने आ रहे हैं। भीड़ बहुत तो नहीं, लेकिन कम भी नहीं है। फैसले के बाद रामलला विराजमान के आसपास सुरक्षा काफी कड़ी कर दी गई है। दर्शनार्थियों की संख्या आम दिनों से भले ही कम रही, लेकिन रामलला के दर्शन पाने की इच्छा अधिक देखने को मिली। मधुकरिया संत मिथिला बिहारीदास ने बताया कि रामलला के दर्शन करने से काफी सुखद अनुभूति मिली। राम जन्मभूमि और कनक भवन में सामान्य दिनों की तरह भीड़ नहीं है। दर्शन करने वालों को थोड़ा चेकिंग से गुजरना पड़ रहा है। बाजार, मंदिर और सरयू घाट पर लोग आ रहे हैं। दशरथ महल, भरत मिलाप, राज द्वार शीश महल, करुणानिधान भवन, मंदिर में लव-कुश मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ का आना जाना है। किसी भी तरह की रोक टोक नहीं है। छुट्टी का दिन होने की वजह से सुबह से ही अयोध्या में लोग घूमने निकले। लोगों में भाईचारा दिखा। स्‍थानीय लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्‍वागत किया है। अब उनकी यही इच्‍छा है कि यहां अमन-चैन कायम रहे। दोनों समुदायों के लोग शांति के साथ रहें। लोगों का कहना था कि इस फैसले के बाद अब अयोध्‍या में भव्‍य राम मंदिर का निर्माण होगा।

मोहन भागवत ने कहा कि हम बनारस और मथुरा में

मस्जिद की जगह मंदिर बनाने की

बात करने वालों में शामिल नहीं होंगे.

अयोध्या विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर संघ प्रमुख मोहन भागवत ने बड़ा बयान दिया है. इस फैसले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि इसे एक ऐतिहासिक फैसला बताया है. इस दौरान उन्होंने मथुरा और बनारस में राम मंदिर को लेकर भी अपनी बात कही. उन्होंने कहा कि हम बनारस और मथुरा में मस्जिद की जगह मंदिर बनाने की बात करने वालों में शामिल नहीं होंगे. संघ प्रमुख ने कहा कि संघ कभी आंदोलन में शामिल नहीं हैं, इसका काम सिर्फ और सिर्फ चरित्र निर्माण करना है. भागवत ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि संघ विवाद का खात्‍मा चाहता था जो हो गया. मैं इससे संतुष्‍ट हूं.मोहन भागवत ने कहा कि संघ मनुष्‍य का निर्माण करता है, आंदोलन करना संघ का काम नहीं है. मस्जिद को जमीन दिए जाने के निर्णय को लेकर किए गए सवाल के जवाब में मोहन भागवत ने कहा कि यह सरकार से कहा गया है, वो देखे. मुझे इसमें कुछ नहीं कहना है. मोहन भागवत ने कहा कि कोर्ट के निर्णय की तरह हमारा स्‍टेटमेंट भी साफ है.

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