अब दिग्विजय बोले , जल्दी मिल जाएगा मप्र कांग्रेस को नया प्रदेश अध्यक्ष

भोपाल /पार्टी आलाकमान के जरिए जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा कर दी जाएगी। इसके बाद लंबे समय से चला आ रहा है इंतजार खत्म हो जाएगा। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इस बात का एलान किया है।
दिग्विजय सिंह ने रविवार को इंदौर में एक कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक रूप से यह बात कही। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की सहमति से अध्यक्ष का नाम तय किया जाएगा। इससे पूर्व शनिवार को ग्वालियर में मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी संवाददाताओं से चर्चा के दौरान कहा था कि पार्टी आलाकमान सोनिया गांधी जल्द ही प्रदेश अध्यक्ष का नाम तय करेंगी।कमलनाथ के बाद दिग्विजय के बयान से यह तो स्पष्ट हो गया है कि आने वाले कुछ दिनों के अंदर ही प्रदेश को नया पीसीसी चीफ मिल जाएगा। लेकिन वो कौन होगा? यह अभी तय नहीं है। हालांकि प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। उनके समर्थक भी लंबे समय से उन्हें अध्यक्ष बनाने की मांग कर रहे हैं लेकिन राजनीतिक खींचतान की वजह से उनकी ताजपोशी नहीं हो पाई। यह कहना भी गलत नहीं होगा कि अभी भी उनका अध्यक्ष बनना मुश्किल नजर आ रहा है। क्योंकि जिस तरह से सत्ता और संगठन के बीच आपसी टकराव की स्थिति बनी हुई है वह किसी से छिपी नहीं है। इसके साथ ही सिंधिया और कमलनाथ के बीच बढ़ती सियासी तकरार ने हालातों को गंभीर बना दिया है। ऐसे में प्रदेश की राजनीति में अपना दमखम रखने वाले कुछ कांग्रेसी नेता किसी भी हाल में सिंधिया की ताजपोशी नहीं चाहते हैं।
दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के एलान के बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद पर नए चेहरे की ताजपोशी की संभावना इसलिए भी बढ़ गई है कि भाजपा ने भी अपना नया प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है। जल्द ही कांग्रेस भी नया अध्यक्ष बनाकर संगठन के नये िंसरे से मजबूती देने के प्रयास में है। आपको बता दें कि फिलहाल मुख्यमंत्री कमलनाथ ही प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।

 

सिंधिया की राह नहीं आसान ……
ज्योतिरादित्य सिंधिया पार्टी में एक करिश्माई नेता के रूप में जाने जाते हैं, प्रदेश के युवाओं और मतदाताओं के बीच उनका जादू भी चलता हैं। लेकिन पार्टी से जुड़े सूत्रों और राजनीतिक गलियारों में चल रही चर्चाओं के अनुसार िंसंधिया के लिए पीसीसी चीफ की राह अभी आसान नजर नहीं आ रही है। उन्हें अध्यक्ष नहीं बनाए जाने की बात कही जा रही है। माना जा रहा है सत्ता और संगठन से जुड़े लोग उनकी प्रदेश में बढ़ती सक्रियता से चिंतित हैं और उन्हें प्रदेश की राजनीति से दूर रखना चाहते हैं। ऐसे में सिंधिया को राज्यसभा भेजा जा सकता है। प्रदेश अध्यक्ष पद पर किसी आदिवासी नेता की ताजपोशी की जा सकती है। बताया जा रहा है कि पीसीसी चीफ न बनाए जाने की भनक खुद सिंधिया को भी लग चुकी है। इसी वजह से दो दिन पहले उन्होंने कमलनाथ सरकार के खिलाफ सड़क पर उतर जाने का बयान दिया। जिससे प्रदेश की सियासत में घमासान मचा हुआ है।
अध्यक्ष की दौड़ में ये भी हैं शामिल
प्रदेश अध्यक्ष की दौड़ में सिंधिया के अलावा ये नाम भी शामिल हैं। जिनमें सज्जन सिंह वर्मा, बाला बच्चन, कांतिलाल भूरिया, अजय सिंह, बिसाहू लाल, रामनिवास रावत, जीतू पटवारी, उमंग सिंगार व अजय सिंह प्रमुख हैं। पार्टी इनमें से किसी आदिवासी नेता पर अपना दांव लगा सकती है।

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