अफसरों को रास आती है झारखंड की राजनीति, इस बार 3 पूर्व आईपीएस और 1 पूर्व आईएएस मैदान में

बिनाेद ओझा, रांची. झारखंड की राजनीति और चुनाव में ब्यूराेक्रेट्स का खासी रास आती है। राज्य के एडीजी के पद से वीआरएस लेकर 2005 में चुनाव लड़ने वाले डाॅ. रामेश्वर उरांव लाेहरदगा से सांसद बने थे। कांग्रेस ने उन्हें मंत्री भी बनाया था। इसी तरह पूर्व डीजीपी वीडी राम ने पहली बार 2014 में पलामू से लाेकसभा चुनाव लड़ा और जीते भी।

इसके बाद उन्हाेंने 2019 के चुनाव में भी वहीं से जीत हासिल की। राज्य प्रशासनिक सेवा के अफसर रहे सुखदेव भगत भी अफसरी छाेड़कर राजनीति में आए और विधायक बने। इस बार कुछ अफसराें ने टिकट की आस में अलग-अलग पार्टियाें काे ज्वाइन किया। लेकिन टिकट नहीं मिल पाने की वजह से वे चुनाव नहीं लड़ पा रहे हैं। 3 पूर्व आईपीएस और पूर्व आईएएस भी इस बार चुनाव मैदान में हैं। इनमें एक पूर्व आईपीएस पहली बार किस्मत आजमा रहे हैं।

रामेश्वर, लक्ष्मण, तुबिद और रेजी डुंगडुंग मैदान में 

पूर्व एडीजी रामेश्वर उरांव कांग्रेस से लाेहरदगा सीट से, पूर्व एडीजी रेजी डुंगडुंग झापा के टिकट पर सिमडेगा से, पूर्वअाईजी लक्ष्मण उरांव भाजपा के टिकट पर राजधनवार से अाैर पूर्व अाईएएस जेबी तुबिद भाजपा के टिकट पर चाईबासा से चुनाव लड़ रहे हैं। इसके अलावा पूर्व जेएएस सुखदेव भगत भाजपा के टिकट पर लाेहरदगा अाैर पूर्व जेएएस डॉ. लंबाेदर महताे गाेमिया से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं।

पूर्व डीजीपी राजीव कुमार को टिकट मिलने के बाद कटा

लाेकसभा चुनाव 2019 के पहले कांग्रेस में ज्वाइन करने वाले पूर्व डीजीपी राजीव कुमार काे पलामू से संसदीय चुनाव लड़ना था। पलामू सीट गठबंधन के तहत राजद के खाते में चली गई। इस वजह से राजीव कुमार चुनाव नहीं लड़ पाए। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने उन्हें कांके से टिकट देने की घाेषणा कर दी। लेकिन तकनीकी कारणाें की वजह से कांग्रेस काे प्रत्याशी बदलना पड़ा अाैर राजीव कुमार काे मैदान से हटना पड़ा।

डीके पांडेय और अरुण उरांव काे टिकट नहीं मिला

पूर्व डीजीपी डीके पांडेय टिकट की अास में भाजपा में शामिल हुए थे। लेकिन टिकट नहीं मिला। पू्र्व अाइपीएस अरुण उरांव भी भाजपा में शामिल हुए लेकिन टिकट नहीं मिला। पिछले विधानसभा चुनाव में तत्कालीन अाईजी लक्षमण सिंह अाैर शीतल उरांव वीअारएस लेकर भाजपा में शामिल हुए थे। तब लक्ष्मण सिंह काे टिकट मिला था लेकिन शीतल उरांव काे नहीं। लक्ष्मण उरांव पर फिर से भाजपा ने भराेसा जताया है।

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