अखबार मालिक के होटल-दफ्तर पर छापे में 67 युवतियां मिलीं, 150 करोड़ की जमीनों की 30 रजिस्ट्रियां जब्त

इंदौर. हनी ट्रैप मामले में इंदाैर नगर निगम के सस्पेंड इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत पर शनिवार रात पुलिस ने सांझा लोकस्वामी अखबार के मालिक जीतू उर्फ जितेंद्र सोनी और उनके बेटे अमित सोनी के होटल माई होम, घर और दफ्तरों पर छापे मारे। एसएसपी रुचिवर्धन मिश्र के मुताबिक होटल माई होम में पुलिस को 67 युवतियां मिलीं, इन्हें बंधक बनाकर जिस्मफरोशी करवाने का शक है। घर से पुलिस को हनी ट्रैप कांड से जुड़े दस्तावेज, पेन ड्राइव, सीडी, 30 से ज्यादा प्लॉटों, जमीनों की रजिस्ट्री मिली है। बाजार में इनकी कीमत 150 करोड़ से ज्यादा है। रविवार तक चली कार्रवाई के बाद पुलिस ने जीतू सोनी, अमित और अन्य परिजन पर मानव तस्करी, आईटी एक्ट, आर्म्स एक्ट, प्रतिबंधात्मक और शासकीय कार्य में बाधा के केस दर्ज किए हैं। स्थानीय पत्रकार संगठनों ने सोनी के मीडिया संस्थान पर छापे को लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को डराने का सरकारी प्रयास करार देते हुए इसकी कड़ी निंदा की थी।पुलिस का कहना था कि कुछ जांच के बाद सोमवार सुबह तक अखबार के दफ्तर की सील खोल दी जाएगी लेकिन अभी भी ताला लगा है। सोमवार को पुलिस गिरफ्तार अमित सोनी को लेकर जांच के लिए तीसरी बार अखबार कार्यालय पहुंची। मामले में जीतू सोनी अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर है।

अमित को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया, जीतू सोनी की तलाश में टीमें लगाई हैं। पुलिस और प्रशासन के साथ महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने जब माई होम में दबिश दी तो वहां छोटे-छोटे कमरों में चल रहे डांस बार में युवतियों के साथ 7 बच्चे भी थे। सभी को रेस्क्यू कर निकाला। इसके बाद टीम ने जीतू के कनाड़िया रोड स्थित बंगले पर छापा मारा। यहां अमित और परिवार के लोगों ने कार्रवाई रोकने की कोशिश की।इंदौर पुलिस ने जीतेंद्र सोनी उर्फ जीतू सोनी को पकड़ने के लिए 6 टीम बनाई है. जीतू सोनी उसी अखबार सांझा लोकस्वामी के मालिक हैं जिन्होंने करीब 2 हफ्ते पहले उन 5 महिलाओं के बीच हुई टेलीफोनिक बातचीत का खुलासा किया जो 18 सितंबर को भोपाल और इंदौर में हनीट्रैप मामले में पकड़ी गई थीं.पुलिस की इस कार्रवाई पर कई सवाल भी उठाए जा रहे हैं। हनी ट्रैप मामले में लोकस्वामी द्वारा किए गए नए खुलासों के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। सवाल यह उठ रहा है कि क्या नेताओं- अफसरों को एक्सपोज होने से बचाने की कोशिश की जा रही है।

साथ ही अखबार ने बिना किसी हिचक के एक पूर्व मंत्री और एक पूर्व नौकरशाह का सेक्स वीडियो जारी किया था. वह पूर्व नौकरशाह पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के प्रिंसिपल सेक्रेटरी रहे थे. सोनी के पास हनीट्रैप गैंग की ओर से अधिकारियों और नेताओं को ब्लैकमेल करने से संबंधित 6 वीडियो हैं.

घर की सर्चिंग में जो रजिस्ट्रियां मिलीं, वे दूसरों के नाम पर हैं। आशंका है कि इन्हें अड़ीबाजी कर अपने पास रखा था। अमित की लाइसेंसी बंदूक के साथ 36 जिंदा और 6 चले हुए कारतूस जब्त किए। ये कारतूस लाइसेंसी बंदूक के नहीं थे, इसलिए अमित पर आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया। पुलिस-प्रशासन की टीम के साथ हुज्जत करने पर शासकीय कार्य में बाधा की धारा भी लगाई। पुलिस कहना है कि ये लड़कियां देश के विभिन्न हिस्सों की हैं। जिनसे होटल के डांस बार में नाच-गाने का काम करवाया जाता था।  इन्हें बंधक बनाकर रखा जाता जाता था। कई महिलाओं की मांग में सिंदूर भरा था, कई के साथ उनके बच्चे भी रहते थे। यह भी बात सामने आई है कि होटल संचालक इन लड़कियों को ज्यादा वेतन भी नहीं देता था। नाच-गाने के दौरान ग्राहकों से मिला था, उसके भी दो हिस्से कर लिए जाते थे। एक हिस्सा होटल संचालक को तथा एक हिस्सा लड़की को मिलता था।

छापे में यह सब मिलने का दावा

  • पुलिस के मुताबिक अब तक की कार्रवाई में 30 से ज्यादा रजिस्ट्रियां व दस्तावेज जब्त हुए हैं। सभी दूसरे नामों से, पर अभी मालिकों के नाम सामने नहीं आए हैं।
  • 30 प्रॉपर्टी करीब डेढ़ सौ करोड़ की हैं। कई रजिस्ट्रियां और प्लॉट की नोटरियां भी मिलीं।
  • सोनी के घर से लाइसेंसी बंदूक मिली। 36 जिंदा व 6 चले हुए कारतूस मिले, जो लाइसेंसी बंदूक के नहीं हैं।
  • 170 के लगभग वीडियो और ऑडियो मिले। इसमें 125 के लगभग वीडियो और शेष ऑडियो क्लिपिंग।
  • होटल ने युवतियों से एग्रीमेंट किया था या नहीं, पैसे कहां से देना बताया, पुलिस जांच कर रही है। इन्हें नाचकर लोगों से नोटों की बारिश करवाने के रूप में ही वेतन मिलता था।
  • स्टेज पर बाउंसर किसी को नहीं जाने देते थे। जो नियमित और प्रीमियम ग्राहक होते थे, उन तक लड़कियां खुद स्टेज से उतरकर आती थीं और रुपए ले जाती थीं।
  • निगम होटल में अवैध निर्माण, अनुमति की जांच कर रहा है। बिजली कंपनी कनेक्शन की जांच कर रही है।

हरभजन की एफआईआर पर कार्रवाई

जीतू सोनी, अमित सोनी ने अपने अखबार में असत्य, भ्रामक खबरें छापकर मेरी निजता का उल्लंघन किया और यू ट्यूब में इसे अश्लीलता के साथ प्रसारित कर ब्लैकमेल किया। ये वीडियो और फोटो मेरे ही केस में अनुसंधान की सामग्री है और अभी फॉरेंसिक जांच में ये प्रमाणित नहीं हुए हैं। सार्वजनिक रूप से वीडियो-फोटो को प्रसारित कर मुझे आत्महत्या के लिए प्रेरित करने की प्रताड़ना दी।- (हरभजन सिंह की एफआईआर के अंश)

वरिष्ठ अफसरों की मुख्यमंत्री से चर्चा, तब बना एक्शन प्लान
ये बात भी सामने आई है कि लोकस्वामी अखबार में कुछ दिनों से हनी ट्रैप की खबरें व फोटो प्रकाशित होने के बाद भोपाल के कुछ वरिष्ठ अफसर आशंकित थे कि उनके ऑडियो-वीडियो के खुलासे भी हो सकते हैं। इस पर अफसरों ने मुख्यमंत्री कमलनाथ से बात की और फ्री हैंड लेने के बाद कार्रवाई शुरू की गई। इसमें निगम इंजीनियर हरभजन सिंह एक बार फिर आगे आए और उन्होंने एफआईआर करवाई। इसके बाद पुलिस, प्रशासन, आबकारी, खाद्य विभाग, नगर निगम, नारकोटिक्स जैसे 9 विभागों ने कार्रवाई की।

सीधी बात: एसएसपी रुचिवर्धन मिश्रा

हनी ट्रैप के खुलासों के बाद दबाव में कार्रवाई की गई?
एसएसपी- हनी ट्रैप से इसे जोड़ना गलत है। हरभजन की शिकायत पर कार्रवाई की।

ऐसे तो कोई खोजी पत्रकारिता ही नहीं कर सकेगा? 
एसएसपी- इसका खोजी पत्रकारिता से संबंध नहीं। किसी का अंतरंग फोटो या वीडियो उसकी अनुमति के बिना प्रकाशित करते हैं तो आईटी एक्ट में अपराध बनता है।

कार्रवाई अचानक क्यों करनी पड़ गई? 
एसएसपी- माई होम में युवतियों को बंधक बनाने और जिस्म नुमाइश कर रुपए कमाने की सूचना पर एक्शन लिया। युवतियों ने पीड़ा बताई, इसलिए मानव तस्करी का केस बना।

पूरे प्रदेश में होगी ऐसी कार्रवाई: कमलनाथ
प्रदेश में संगठित माफियाओं के खिलाफ युद्ध होगा। इस तरह की कार्रवाई पूरे प्रदेश में करेंगे। मैं किसी के दबाव में आने वाला नहीं हूं। न मुझे कोई दबा सकता है। मुझे एक महीने पहले जमीन को लेकर ब्लैकमेलिंग की जानकारी मिली थी। इसी को ध्यान में रखते हुए यह कार्रवाई की गई है। किसी तरह का दबाव सहन नहीं किया जाएगा। जो भी अफसर ऐसे तत्वों के साथ जुड़े दिखाई देंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। -कमलनाथ, मुख्यमंत्री

हनी ट्रैप को दबाना चाह रही सरकार: विजयवर्गीय
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि हनी ट्रैप मामले में सच को उजागर करने वाले मीडिया हाउस के खिलाफ बदले की भावना से की गई कार्रवाई निंदनीय है। राज्य की सरकार हनी ट्रैप मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

भाजपा सांसद शंकर लालवानी ने कहा कि पुलिस द्वारा पत्रकारों से की गई अभद्रता की जानकारी मिली है। पुलिस कानून के दायरे में अपना काम करे, लेकिन लोकतंत्र के सजग प्रहरी और चौथे स्तंभ के साथ ऐसी कार्रवाई निंदनीय है।

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